मुझे शाम को याद करते हैं |
मुझे शाम को याद करते हैं
धूप के सफर में छोड़ने वाले
रोने को क्यों मेरा ही काँधा ढूढ़ते हैं
मेरा दिल तोड़ने वाले|
# बेवफा #शाम #lonely
#इश्क # Love #मुहब्बत #प्यार # औकात
मुझे शाम को याद करते हैं
धूप के सफर में छोड़ने वाले
रोने को क्यों मेरा ही काँधा ढूढ़ते हैं
मेरा दिल तोड़ने वाले|
# बेवफा #शाम #lonely
#इश्क # Love #मुहब्बत #प्यार # औकात
इश्क महंगा है, कीमत अदा करने के मेरे हालात नहीं है
ऐसा नहीं कि मेरी औकात नहीं है|
उस कह दो मेरे दोस्त, कोई बेहतर खरीददार ढूँढे अपनी मुहब्बत का,
मैं उसे नही चाहता, ये बात नहीं है|
ऐसा नहीं कि मेरे सीने में उसके जैसे जज्बात नहीं है|